पेपर प्लेट कैसे बनाएँ – How to make Paper Plete



पेपर प्लेट की जरूरत शादी-विवाह सार्वजनिक भोज, जन्मदिन पार्टी मे निमंत्रित लोगों और रिस्तेदारों को भोजन करने में पड़ता है, इसके साथ ही होटलों, रेस्टोरेन्ट और फास्ट फूड कार्नर चाट और पानीपूरी स्टाल पर पेपर प्लेट की जरूरत पड़ती है इस लिए इसको प्रयोग करने के बाद आसानी से नस्ट किया जा सकता है, जिससे किसी तरह का प्रदूषण न फैले, पेपर के बने होने के कारण बहुत ही हल्का होता है, जिससे लोग आसानी से पिकनिक व तीर्थयात्रा पर लेकर जाते हैं इस तरह के कई गुणों को रखने वाला यह व्यवसाय बहुत ही कम लागत मे आसानी से लगाया जा सकता है इस व्यवसाय को लगाने के लिए किसी तरह की कोई प्रशिक्षण की आवश्यकता नहीं होती है, आप जिस कंपनी से मशीन खरीदेंगे उस कंपनी का आदमी आकार आपका मशीन सेट करेगा और आपको प्रशिक्षित भी करेगा। पेपर प्लेट जरूरत के अनुसार अलग-अलग  साइजों और डिज़ाइनों में बनाया जाता है। पेपर प्लेट का व्यवसाय लगा कर 40 हजार से 50 हजार रुपये महिना का इनकम किया जा सकता है, पेपर प्लेट का व्यवसाय शुरू करने से पहले बाजार में पेपर प्लेट की मांग, कुल व्यवसाय में लागत, रॉ मैटेरियल तथा लाइसेन्स के बारे में जानकारी होना बहुत ही जरूरी है। 

पेपर प्लेट का बाजार मे सप्लाई- Marketing of Paper Plate


किसी भी व्यवसाय को शुरू करने से पहले बाजार को चयनित करना पड़ता है जहां पर व्यवसायी द्वारा तैयार पेपर प्लेट को बाजार मे बेचा जा सके बाजार के अनुसार प्लेट की क्वालिटी और साइज भी निर्भर करता है जिसमे थोक बाजार के साथ फुटकर ग्राहको को भी बेचा जा सके जैसे- होटल, रेस्टोरेन्ट, फास्टफूड स्टाल, चाट स्टाल तथा अपने आस-पास के किराना स्टोर से संपर्क करने की जरूरत है, जिससे प्लेट के उत्पादन के साथ-साथ बाजार मे आसानी से बिकना शुरू हो जाए। मार्केटिंग किसी भी व्यवसाय का मेन पहलू है बाजार मे नए ब्रांड के अस्तित्व मे आ जाने के कारण व्यवसाय पर काफी असर पड़ता है, इस लिए व्यवसायी को भी अपने ब्रांड की क्वालिटी अच्छी रखनी पड़ती है और साथ ही अपने ब्रांड की कीमत भी बाजार की औसतन रखनी पड़ती है ऐसे मे समान की ज्यादा खपत ही व्यवसाय को आगे बढ़ा सकता है और आपकी इकाई लंबे समय तक टिक सकती है। इस लिए अपने तैयार माल की मार्केटिंग करना बहुत जरूरी होता है, अगर आपकी इकाई बड़े पैमाने पर उत्पादन कर रही तो सिर्फ एक व्यक्ति को मार्केटिंग का ही कम करना चाहिए जिससे वह व्यक्ति विभिन्न क्षेत्रों में जैसे थोक बाजार,होटलों, रेस्टोरेन्ट में घूम कर अपने प्रोडक्ट का प्रचार प्रसार करे। जिससे आपके प्रोडक्ट की मांग बढ़े और आपकी कंपनी लंबे समय तक टिक सके। 

पेपर प्लेट को बनाने के लिए आवश्यक मशीन-

पेपर प्लेट मशीन से ही बनाया जाता है पेपर प्लेट बनाने के लिए दो तरह की माशीने आती हैं –

हस्तचालित (Manual) पेपर प्लेट मशीन-

इस प्रकार के मशीन को व्यक्ति द्वारा स्वयं चलाया जाता है जिसमे एक पैडल लगा होता है जिसको प्रेस करने पर डाई एक झटके के साथ नीचे गिरती है नीचे रखे पेपर पर गिरती है और उसको पेपर प्लेट या दोना का आकार दे देती है पेपर को स्वयं हाथ से लगाया जाता है, जिससे काफी समय खर्च होता है, हालांकि यह मशीन सस्ती होती है यह एक बार में 11 प्लेट तैयार करती है, पेपर प्लेट को तैयार करने से पहले जिस साइज का पेपर प्लेट बनाना होता है पेपर को उस साइज मे गोलाकार काटना पड़ता है उसके बाद पेपर प्लेट तैयार किया जाता है, यह मशीन 20 से 30 हजार मे लग जाती है । इस मशीन को लगाते है तो आपका व्यवसाय 40 से 50 हजार रुयाए में शुरू किया जा सकता है, आपका व्यवसाय बढ़ जाए तो आटोमेटिक मशीन लगा सकते हैं।

स्वचालित पेपर प्लेट मशीन -

यह मशीन पूर्ण रूप से Automatic होती है जो बिजली द्वारा चलती है इस मशीन को एक व्यक्ति ही चला सकता है इस प्रकार की मशीन मे सिर्फ पेपर का रोल लगाना पड़ता है मशीन स्वत: ही प्लेट बनाती जाती है सिर्फ प्लेट को गिन कर पैकिंग करना रहता है इस मशीन को लगा कर महीने का हजारो रुपए कमाया जा सकता है यह मशीन दो प्रकार का होता है।

सिंगल डाई पेपर प्लेट मशीन- Single Dae Paper Plate Mashine

यह पूर्ण रूप से automatic होती है इसको चलाने के लिए बिजली की अयशयकता होती है इसमे एक डाई लगी होती है। इस तरह की मशीन मे पेपर का रोल लगता है जिसको मशीन द्वारा स्वयं खींच कर पेपर को कटिंग कर प्लेट का रूप देती है। इसमे एक हीटर होता है जब डाई पेपर को प्रेस करती है तो हीटर गर्म करके पेपर के किनारे को चिपका देता है, जिससे पेपर प्लेट का रूप ले लेता है, एक पंखा होता है जो तैयार प्लेट को मशीन बाहर कर देता है। इस मशीन से 1 घंटे मे हजारों पेपर प्लेट बनाया जाता है। इस मशीन की कीमत 40 हजार से 55 हजार के बीच मे लगाया जा सकता है।  

डबल डाई पेपर प्लेट मशीन- Duble Dae Paper Plete Mashine

यह मशीन भी पूर्ण रूप से automatic होती है इसको चलाने के लिए बिजली की अयशयकता होती है इसमे दो डाई लगी होती है। इस तरह की मशीन मे पेपर का रोल लगता है जिसको मशीन द्वारा स्वयं खींच कर पेपर को कटिंग कर प्लेट का रूप देती है। इसमे एक हीटर होता है जब डाई पेपर को प्रेस करती है तो हीटर गर्म करके पेपर के किनारे को चिपका देता है, जिससे पेपर प्लेट का रूप ले लेता है, एक पंखा होता है जो तैयार प्लेट को मशीन बाहर कर देता है। इस मशीन से एक अलग-अलग साइज के दो तरह के पेपर प्लेट बनाए जा सकते हैं इस मशीन से 1 घंटे मे हजारों पेपर प्लेट बनाया जाता है। इस मशीन की कीमत लगभग 90 हजार होता है। मशीन द्वारा तैयार प्लेट को सिर्फ गिन कर पैकिंग करना होता है।

पेपर प्लेट बनाने के लिए उपयोगी समान- Useful for making paper plates

पेपर प्लेट बनाने के लिए सिल्वर कोटेड पेपर सीट या पेपर रोल की आवश्यकता होती है जिसमे पेपर क्वालिटी के लिए पेपर का GSM पर निर्भर करता है यह पेपर बाजार मे 40 से 45 रुपये प्रति किलो मिल जाता है।  

पेपर प्लेट की पैकिंग- Paper plate packing

पेपर प्लेट की पैकिंग के लिए थैली की आवश्यकता होती है जिसमे आप 25, 50, 50 का पैकिंग कर के बाजार में भेज सकते है।

पेपर प्लेट व्यवसाय की विशेषता- Specialty of Paper Plate Business

पेपर प्लेट का व्यवसाय बहुत ही मुनाफे वाला होता यह व्यवसाय 12 महीने का है इस व्यवसाय को पार्ट टाइम या फूल टाइम किया जा सकता है, पेपर प्लेट बनाने वाली जो मशीन है उसको चलाना बहुत ही आसान है जिसको महिलायेँ भी आसानी से चला सकती हैं सबसे खास बात यह है की पेपर प्लेट कभी खराब नहीं होता है इस लिए इसको लंबे समय तक स्टोर किया जा सकता है, पेपर प्लेट का उद्योग आप घर पर भी लगा सकते हैं पेपर प्लेट बनाने वाली मशीन घरेलू बिजली से चलती है इसके लिए थ्री फेस की आवश्यकता नहीं है यह मशीन 220 वोल्ट से चलती है। इस व्यवसाय को 10 x 10 के कमरा मे किया जा सकता है।

पेपर प्लेट इकाई का रजिस्ट्रेसन कराना- Registration of paper plate unit


पेपर प्लेट का व्यवसाय शुरू कर रहे हैं तो रजिस्ट्रेसन करना आवश्यक होता है जिससे व्यवसाय मे किसी तरह का व्यवधान न उत्पन्न हो सके यह व्यवसाय ज्यादा मुनाफा वाला है इस लिए इस व्यवसाय का रजिस्ट्रेसन करा लेना चाहिए और जरूरी लाइसेन्स लेना आवश्यक होता है रजिस्ट्रेसन करने के लिए सबसे पहले अपने कम्पनी का नाम चयनित करना पड़ता है और बैंक मे करेंट खाता खोलना पड़ता है और कंपनी के नाम से पैन कार्ड भी बनवाना पड़ता है उसके बाद कंपनी का रजिस्ट्रेसन होगा कम्पनी का रजिस्ट्रेसन करने के लिए जिला उद्योग केंद्र से करा सकते हैं कम्पनी का संचालन अगर घर से कर रहे है तो उद्योग आधार की वेवसाइट से स्वत: ही रजिस्ट्रेसन कर सकते हैं।    

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